शॉर्ट सैलिंग
शॉर्ट सैलिंग करके शेयर बाजार में कैसे कमाई की जाती हैं
शेयर बाजार में शॉर्ट सैलिंग का मतलब होता हैं किसी कंपनी के शेयर्स को बिना खरीदे बेचना औऱ बाद में खरीदना
अक्सर शेयर मार्केट में उपरी स्तरो पर मुनाफावसूली की जाती है और मार्किट / कंपनी के शेयर्स में गिरावट आनी शरू हो जाती है ऐसा इसलिए भी होता है कि लोग या ब्रोकर होउसेस उपरी स्तर पर शेयर्स को बेचते है और बाद में 5 से 7% शेयर के मूल्य में गिरावट आ जाती है तो उसको खरीद लेते है और लाभ कमाते है इस कार्यप्रणाली को शॉर्ट सैलिंग कहा जाता है। कुछ शेयर्स को छोड़ कर अधिकतर शेयर्स में यह प्रणाली काम करती है।
जैसा कि अब हमारी निफ्टी ओर सेंसेक्स लाइफ टाइम हाई का नया रिकॉर्ड बना चुके है तो जब भी निफ्टी 12000+ और सेंसेक्स 40000+ होगा तो उनमें एक शॉर्ट सैलिंग का दवाब देखने को जरूर मिलेगा इसलिए इन स्तरो पर नया निवेश ना करे और अपनी पूँजी को सुरक्षित रखे अन्यथा आप भी शॉर्ट सैलिंग के कारण अपनी जमा पूँजी गांव सकते है
Kya nify 12500 june me ho jaiga
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